
दमोह। 2 दिन पूर्व बटियागढ़ में हुए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा भाई निकला। जिसने धन के लालच में अपने भाई की जान लेने से परहेज नहीं किया।
बीते सोमवार को बटियागढ़ की बड़ी चराई के जंगल में मिली युवक की लाश के मामले पर से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। गौरतलब है कि ग्राम आंजनी टपरिया निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र मुकुंद सिंह का शव जंगल में पड़ा पाया गया था। उसे गोली लगी हुई थी तथा गली पर फांसी लगाए जाने के निशान मौजूद थे। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच की तो कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए। जिसमें हत्या का आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतक का छोटा भाई और उसका एक दोस्त ही हत्यारा निकला। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने मीडिया को बताया की मृतक के छोटे भाई वीरेंद्र सिंह ने ग्राम धौराज निवासी भान सिंह के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। बकौल आरोपी एसपी ने बताया की बीमा के करीब 4 से 5 लाख रुपए एवं भाई की संपत्ति पाने की लालच में उसने यह हत्या की है।
सात माह पहले बनाई थी योजना
जो खुलासा किया गया है उसमें बताया गया है की आरोपी अपने मृतक बड़े भाई सुरेंद्र सिंह की शराब और गांजा पीने की लत से परेशान था। इसी कारण वह कर्ज के बोझ के तले दब गया था। वह कर्ज चुका नहीं पा रहा था। जिसके कारण करीब से 7 माह पहले उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर योजना बनाई और घटना के दिन बगैर किसी को बताए अपने भाई को वह बड़ी चराई के जंगल में ले गया। वहां कट्टे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी । उसके बाद उसका गला घोट दिया। घटना को अंजाम देकर वह स्वयं घर पर आ गया और घर से भाई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मां को थाने भेज दिया। स्वयं अनजान होने का नाटक करता रहा।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके मोबाइल नंबर की कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन, परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर कड़ी पूछताछ की। इसके अलावा आरोपी द्वारा अपने बयान में पुलिस को बताया था की किसी तांत्रिक बाबा ने उसे यह जानकारी दी थी कि उसके भाई का शव बड़ी चराई के जंगल में पड़ा हुआ है। इस पर पुलिस को आरोपी पर शक गहरा गया। जब आरोपी के बयान क्रॉस चेक किए गए तो पाया उनमें काफी भिन्नता है। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा और उसने हत्या करना कबूल कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा हेतु न्यायालय में पेश किया गया है।
आरोपी ने कराया था बीमा
इसके अलावा आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त किया गया कट्टा, बीमा पॉलिसी की रसीद बरामद की गई हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी ने योजना अनुसार स्वयं ही अपने भाई के नाम से बीमा कराया था और उसकी प्रीमियम वह खुद ही अदा कर रहा था। ताकि समय आने पर वह भाई की हत्या करके बीमा का सारा पैसा ले सके।

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