
दमोह। जिले के मगरोन थाना की पुलिस ने एक बिन मां की बेटी की न केवल धूमधाम से शादी कराई, बल्कि पुलिस कप्तान सहित आला अधिकारी भी घराती बनकर बेटी को उपहार और आशीर्वाद देने पहुंचे। पुलिस के इस कार्य की खूब वाहवाही भी हो रही है।
पुलिस का नाम सुनते ही अक्सर लोगो जेहन में जो तस्वीर बनती है वह अच्छी नहीं होती, लेकिन कभी-कभी पुलिस भी ऐसा काम कर देती है कि लोग तारीफ किए बगैर नहीं रह पाते। ताजा मामला मगरोन पुलिस थाना का है। यहां पुलिस ने न केवल एक बिन मां की बेटी की धूमधाम से शादी कराई बल्कि उसे अपना आशीर्वाद और उपहार भी दिया। इस नेक काम में जिले के कप्तान राकेश कुमार सिंह भी सहभागी बने। दरअसल मगरोन थाना के ठीक सामने चतरे अहिरवार का घर बना हुआ है। उसी में वह अपनी बेटी और बेटे के साथ रहता है। चतरे ने अपनी बेटी दुर्गा की शादी वीर सिंह के साथ तय की थी। लेकिन वह शादी की तैयारियां और पैसों की व्यवस्था नहीं कर पा रहा था। चतरे का बेटा ग्राम रक्षा समिति में सदस्य भी है। जब उसने अपनी समस्या मगरोन पुलिस को बताई तब पुलिस ने उसे आश्वस्त किया कि उसकी बहन की शादी में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी और न ही कोई दिक्कत आएगी। वह केवल विवाह की तैयारियों में जुट जाए, बाकी सारी व्यवस्था हम मिलकर करेंगे। इसके बाद पुलिस ने शादी के कार्ड भी छपवाए और उसमें विनीत के रूप में मगरोन थाना पुलिस डलवा दिया। जब तैयारियां लगभग पूरी हो गई दुल्हन का भाई अपने पिता और ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह से मिलने आया और उन्हें भी शादी में आने का न्योता दिया। जब पुलिस अधीक्षक को इस बात की जानकारी लगी कि यह पूरा ब्याह मगरोन पुलिस और ग्रामीण मिलकर कर रहे हैं तो उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए विवाह में आने का आश्वासन दिया। इसके बाद सोमवार को पुलिस अधीक्षक विवाह समारोह में पहुंचे और वर-वधू को आशीर्वाद तो दिया ही साथ ही उन्हें उपहार भी भेंट किया। पुलिस अधीक्षक के साथ एसडीओपी हटा वीरेंद्र बहादुर सिंह तथा आसपास के थानों की पुलिस भी समारोह में न केवल पहुंची बल्कि बारातियों का स्वागत भी किया और घराती बनकर दुल्हन पक्ष की सभी रस्मो रिवाज भी पूरी करवाई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह का कहना है कि लड़की के परिजन शादी की तारीख जल्दी निकलने के कारण व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे तब पुलिस ने उस लड़की की शादी का जिम्मा उठाया सभी ने मिलकर पैसा इकट्ठा किया उसमें गांव वालों ने भी सहयोग किया थाना परिसर में ही उसकी शादी भी कराई। मुझे भी मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया था मैं वहां उपहार लेकर भी गया था। सभी पुलिस वालों ने भी उपहार दिए। पूरे समाज का सहभागी होना निस्संदेह एक अच्छा कार्य है। थाना प्रभारी ने जो कार्य किया है निस्संदेह है वह सराहनीय है।


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