मार्च 17, 2026

विषाक्त आटे से बनी रोटियां खाने पर 7 लोग हुए फूड प्वाइजनिंग का शिकार

दमोह। जिले के गैसाबाद क्षेत्र में विषाक्त भोजन करने के कारण एक ही परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
जिले की गैसाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत संजय नगर गर्रेह में बीती रात्रि विषाक्त ऑटा से बनी रोटियां खाने के कारण एक ही परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए। बताया जाता है कि आदिवासी परिवार में एक शाम को भोजन बना तथा सभी लोगों ने खाया तो पहले उन्हें पेट दर्द और उल्टियां हुई उसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। जिन्हें तत्काल ही अन्य ग्रामीणों एवं परिजनों की मदद से सिविल अस्पताल हटा में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर गौरव मौर्य ने बताया कि जो भोजन परिजनों ने किया था वह विषाक्त था। इसी के कारण सभी को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई है। यदि समय पर इनका उपचार नहीं होता तो किसी की जान भी जा सकती थी। वहीं परिजनों का कहना है कि रोज की तरह है घर में भोजन पकाया गया तथा उसे सभी लोगों ने खाया। ऐसा प्रतीत होता है कि जो अनाज आटा बनाने के लिए पिसाया गया था संभवत उसमें कोई कीटनाशक दवा की टिकिया रह गई होगी और वह अनाज के साथ पिसकर आटा में मिल गई होगी। इसी कारण से यह फूड प्वाइजनिंग हुई है। हालाकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टर ने बताया कि जिन लोगों को भर्ती किया गया है उनमें एक ही परिवार के 7 लोगों का इलाज जिला अस्पताल दमोह में जारी है। बीमारों में दुर्गेश तिजियां आदिवासी उम्र 12 वर्ष, गजेंद्र पुत्र हरिश्चंद्र आदिवासी उम्र 14 वर्ष, पूजा पुत्री हरिश्चंद्र उम्र 16 वर्ष, पचियां बाई पत्नी राममिलन आदिवासी उम्र 50 वर्ष, अमित पुत्र हरिश्चंद्र आदिवासी उम्र 11 वर्ष, रोशनी पुत्री तेजी लाल उम्र 16 वर्ष और सुनीता पत्नी तिजियां उम्र 40 वर्ष का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बताया गया कि इन्होंने रात्रि भोजन में कुदई की रोटी खाई थी। जिससे बीमार हो जाने पर गंभीर हालत में इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज जारी है और हालत में पहले से सुधार है।

बिजली कंपनी कर्मचारियों की मदद से नीचे का उतारा जा सका।
विद्युत वितरण केन्द्र हर्रई तेजगढ़ अंतर्गत आने पावर हाउस हिनौती में पदस्थ एक ऑपरेटर आज सुबह पावर हाउस पर चढ़ गया। जैसे ही दूसरे बिजली कर्मचारियों ने उसे पावर हाउस पर चढ़ते देखा तो तुरंत ही उसकी जान जाने के लिए बिजली बंद करा दी। बताया जाता है कि प्रहलाद अठ्या नामक कर्मचारी करीब 17 वर्षों से पावर हाउस में ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। लेकिन उसे हाल ही में नौकरी से निकाल दिया गया। इससे व्यथित ऑपरेटर पावर हाउस पर चढ़ गया। उसने पावर हाउस पर चढ़कर आत्महत्या की कोशिश भी की हालांकि बिजली न होने के कारण वह इसमें सफल नहीं हो सका। टावर पर चढ़े कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से यहां पर कार्यरत है। जब यहां कोई भी काम नहीं करता था तब से वहां पर काम कर रहा है। 8 घंटे तो ठीक है 24 घंटे तक उसने लगातार ड्यूटी की है। अब अधिकारी न तो वेतन दे रहे हैं और न ही नौकरी पर रख रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि अधिकारी रुपए लेकर दूसरे लोगों की भर्ती कर रहे हैं। इतने वर्षों के बाद अब वह कहां जाए उसे कौन नौकरी पर रखेगा। वहीं सूचना मिलने पर तेजगढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और युवक से पूछताछ की जा रही है। वही पावर हाउस प्रभारी अधिकारी श्री मंगलोई का कहना है कि कर्मचारी का आरोप बेबुनियाद है नियम के मुताबिक उसकी उम्र हो चुकी है इसलिए उसे काम से निकाला गया है जिन लोगों को काम पर रखा गया है वह उम्र की सीमा में आते हैं।

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