
दमोह। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह किराए के लोगों से चोरियां कराता था। चोरों से लाखों रुपए का माल बरामद हुआ है।
अभी तक लोग मकान, दुकान या वाहन ही किराए पर लेते थे, लेकिन अब तो चोरी के लिए भी किराए के लोग इस्तेमाल होने लगे हैं। जी हां दमोह पुलिस ने जिस अंतरराज्यीय चोर गिरोह को पकड़ा है वह भाड़े के लोगों को डेली बेसिस के आधार पर रुपए देकर चोरियां कराते थे। इस बात का खुलासा पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने आज प्रेस वार्ता में किया। कोतवाली पुलिस ने दमोह में किराए के मकान पर रह रहे लोगों को जब संदेह के आधार पर पकड़ा तो पुलिस को भी यह उम्मीद नहीं थी कि जिन्हें पकड़ा गया है वह दरअसल अंतर राज्यीय चोर हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की जिले के ग्राम नंदला ऊसल के रहने वाले गिरोह के सदस्य आनंद बहेलिया, रोहित कुमार, सनी बहेलिया प्रीतम बहेलिया, पाटीदार बहेलिया, रवि कुशवाहा जब हिरासत में लिया तो उनके पास से पुलिस ने चांदी की थाली, सोने का रानी हार, एक छोटा हार, सोने चांदी का वजन करने वाली स्केल सहित बड़ी मात्रा में मोर पंख बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि चोरों ने कबूल किया कि उनका कई लोगों का एक बड़ा गिरोह है। जो अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। यह लोग चोरी करने के लिए भाड़े के लोगों को 500 या ₹700 दिन के हिसाब से नियुक्त करते थे और उनसे चोरियां करवाने के बाद उस माल को बड़े सदस्य आपस में बांट लेते हैं। हालांकि इस गिरोह का सरगना अभी फरार है। यह अपने आप में पहला ऐसा मामला है जहां चोरी के लिए भी भारी के लोग रखें गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह लोग मोर पंख बेचने दूसरे बहाने से लोगों को बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि जगह ताड़ते थे। उसके बाद संदेह पुख्ता हो जाने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इसी तरह मोहल्लों में घूम घूम कर यह रेकी करते थे और उसके बाद चोरी किया करते थे।


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