
दमोह। पथरिया नगर की जीवन रेखा का कहा जाने वाला डैम अत्यधिक बारिश के कारण बह गया। इस डैम से पथरिया नगर की आबादी के लिए जल आपूर्ति की जाती थी।
लगातार और भारी बारिश के कारण ग्रामीण अंचलों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई जगह नदियां उफान पर हैं तो कहीं डैम फूटने की खबरें आ रही हैं। ताजा मामला पथरिया नगर में जलापूर्ति करने वाले एक डैम का है। जिसका एक हिस्सा भारी बारिश के कारण बह गया। गढ़ाकोटा रोड पर सुनार नदी पर बना एक करोड़ की लागत वाला डैम भारी बारिश नहीं झेल पाया और उसका एक हिस्सा खेत की तरफ से पूरी तरह बह गया। इस डैम के फूटने से आसपास के कई गांव में पानी भरने की खबर भी सामने आई है। बता दें कि तत्कालीन कृषि मंत्री एवं पथरिया क्षेत्र से विधायक रहे रामकृष्ण कुसमरिया ने अपने कार्यकाल में पथरिया नगर की जल योजना तैयार कराई थी। योजना के एक चरण में करीब 23 करोड़ की लागत से फिल्टर प्लांट, पानी की टंकी तथा सप्लाई लाइन तो दूसरे चरण में एक करोड़ रुपए की लागत से सुनार नदी पर डैम तैयार कराया गया था। जिसका ठेका हैदराबाद की एक कंपनी के हाथों में था। कुछ वर्ष पूर्व ही डैम बनकर तैयार हुआ था। जिसे बाद में पथरिया नगर परिषद को हैंडोवर कर दिया गया था। करीब चार-पांच वर्षो से ही उससे पथरिया नगर में जल आपूर्ति की जा रही थी। अब डैम फूटने के बाद जल सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी के मीडिया प्रभारी कबीस सिंघई कहते हैं कि यह डैम पथरिया की जीवन रेखा था। लेकिन भारी बारिश नहीं झेल पाया और फट गया। अभी इस डैम को बने हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है। लगभग 5-6 वर्ष से ही इससे जलापूर्ति की जा रही थी। अब पथरिया में डैम बनने तक के लिए फिर से जल संकट खड़ा हो गया है। वैसे भी पथरिया ड्राई एरिया है।

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