
दमोह। ग्राम कंदवा में कीचड़ के रास्ते छात्राओं ने 1 किलोमीटर की लंबी रैली निकाली। उसके बाद स्वाधीनता का पर्व 15 अगस्त उत्साह से मनाया। लेकिन पैर कीचड़ से सने हुए थे।
सागर जिले की बंडा तहसील के अंतर्गत आने वाले कंदवा ग्राम में छात्र-छात्राओं के सामने शिक्षा की कई चुनौतियां हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही यह दावा करें कि मध्य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से बेहतर हैं, लेकिन उनके यह दावे कंदवा में आकर दम तोडते नजर आते हैं। दरअसल कंदवा में सड़क है ही नहीं। वहां पर तो केवल दलदल और कीचड़ है। इसी माहौल में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल तक पहुंचना पड़ता है। इस समय प्रदेशभर में लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कंदवा ग्राम के हालात और भी अधिक खराब हैं। 15 अगस्त की सुबह जब सारा देश खुशियों से झूम रहा था तब कंदवा के छात्र छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर कीचड़ के रास्ते स्कूल जा रहे थे। यहां पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि बारिश के समय यही हालात बने रहते हैं। करीब 4 महीने तक सड़कों पर कीचड़ रहता है और उसी में से निकल कर करीब 1 किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। ग्राम सरपंच से कई बार यहां पर सड़क बनाने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। इन हालातों से बड़े अधिकारी भी वाकिफ हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। पढ़ना मजबूरी है इसीलिए कीचड़ के रास्ते रोज जाते हैं। यदि यहां पर अच्छी सड़क बन जाए तो हम लोगों के लिए सुविधा हो जाए। ताज्जुब की बात यह है कि यह क्षेत्र बंडा विधायक तरवर सिंह लोधी और केंद्र में कद्दावर मंत्री प्रहलाद पटेल के लोकसभा क्षेत्र में आता है। उसके बाद भी उन्हें खबर ही नहीं कि क्षेत्र में हालात कैसे हैं।

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