
दमोह। रेलवे स्टेशन परिसर यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है। आए दिन उनके साथ होने वाली मारपीट के कारण लोग दहशत में है। ऐसा ही मामला बीती रात सामने आया यहां पर महिला और बच्चों के साथ मारपीट कर दी गई।
रेलवे स्टेशन परिसर पर अक्सर यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती है। स्टेशन परिसर असामाजिक तत्वों और उठाईगीरों का अड्डा बन गया है। बीती रात राज्य रानी एक्सप्रेस से भोपाल से दमोह वापस लौटे सागर नाका निवासी रवेंद्र दुबे और उनके परिजनों के साथ ऐसे ही असामाजिक तत्वों ने डंडे से मारपीट कर दी। मारपीट इतनी कि 6-7 साल के मासूमों को भी नहीं छोड़ा और यह सब ड्यूटी के लिए बनाए गए पुलिस पॉइंट पर होता रहा। रवेंद्र दुबे ने बताया कि उसके साथ उसकी भाभी, बच्चे भतीजी, पत्नी सहित करीब आधा दर्जन लोग भोपाल से लौट कर घर जाने के लिए स्टेशन के बाहर खड़े थे। जब वह अपनी गाड़ी लेने के लिए गए तब ऑटो चालकों ने उनके परिजनों को जबरन ऑटो में बैठा लिया और जब वह लौटकर आए तथा अपनी सवारियों को वापस उतारने लगे तो वहां पर मौजूद तीन लोगों ने उनकी गाड़ी लात मारकर गिरा दी और लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। बच्चों के साथ भी मारपीट की गई है। इनमें जैन चैत्यालय के समीप रहने वाले बिट्टू जैन एवं रक्कू तिवारी की पहचान हो गई है। पुलिस ने बिट्टू जैन को पकड़ लिया है। जबकि रक्कू एवं दूसरा साथी फरार है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ताज्जुब की बात यह है की जब पुलिस का ड्यूटी प्वाइंट वहां है तो यह सब कैसे होता रहा? क्या इन असामाजिक तत्वों को पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है या फिर पुलिस जानकर अनजान बन गई थी।

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