
दमोह. भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष की सड़क दुर्घटना में हुई मौत की बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. यह एक साधारण सड़क दुर्घटना है या फिर सोची समझी साजिश के तहत की गई हत्या ? इस बात को लेकर अब दबी जुबान से चर्चाएं भी शुरू हो गई.
पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के कट्टर समर्थक एवं भाजपा के पूर्व बांसा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र राजपूत कि आज एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. करीब 42 वर्षीय देवेंद्र अपने छोटे भाई ग्राम पंचायत बरवांसा के पूर्व पंचायत त्रिवेंद्र के साथ लक्ष्मण कुटी धाम हनुमान जी के दर्शन करने गए थे. वहां से लौटकर त्रिवेंद्र अपनी कर द्वारा वापस गाँव चले गए..जबकि तीन गुल्ली के समीप एक दुकान पर पहले से रखी हुई अपनी बाइक को उठाकर देवेंद्र पीछे पीछे गांव जा रहे थे. उसी दौरान एक सफेद कलर की स्कॉर्पियो गाड़ी एमपी 04 एसजे 0999 ने पीछे से देवेंद्र की बाइक में टक्कर मारी और उसे रोंदने के बाद गाड़ी जागेश्वर नाथ बस टर्मिनस के पास रुकी. वहां से टक्कर मारने वाले आरोपी फरार हो गए. इस घटना के संबंध में भास्कर भास्कर के सूत्रों से जो जानकारी सामने निकल कर सामने आई है उसके मुताबिक तीन चश्मदीद गवाह हैं. दो लोग ऐसे थे जो घटना स्थल के ठीक सामने अपनी फल और सब्जी की दुकान लगाए हुए थे. जबकि एक व्यक्ति वहीं पर गन्ने का रस बेचता है. लेकिन जैसे ही यह घटना हुई तो फल बेचने वाली एक महिला वहीं पर बेहोश हो गई. जबकि गन्ने का रस बेचने वाला अपनी ठिलिया लेकर वहां से कुछ दूर चला गया. बताया जाता है गाड़ी किसी दशरथ राजपूत के नाम पर रजिस्टर्ड है. लेकिन भास्कर न्यूज़ की पड़ताल जो बातें सामने आई हैं, वह काफी चौंकाने वाली हैं. गाड़ी भले ही भोपाल पासिंग है लेकिन पिछली कई वर्षों से यह दमोह के सात किलोमीटर के सराउंडिंग एरिया में चल रही थी. जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर एक ग्राम में यह गाड़ी रोज रखी जाती थी और वहीं से रोज निकलती थी. इसके अलावा गाड़ी की टायरों के निशान जिस तरह से रोड पर फिर से बने हुए हैं उसे यह स्पष्ट समझ आ रहा है कि गाड़ी पहले से वहां पर खड़ी हुई थी पीछे से नहीं आ रही थी. लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है यह पुलिस की जांच से सामने आएगा. सूत्रों का यही कहना है कि देवेंद्र की राजनीतिक पकड़ काफी अच्छी थी और इसके कारण उनकी कुछ लोगों से पुरानी अदावत भी चल रही थी, और अदावत ऐसी ऐसी नहीं काफी गहरी थी. हालांकि घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली तो तुरंत ही सागर नाका पुलिस चौकी प्रभारी के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदौरिया, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, सीएससी हरिराम पांडे सहित तमाम पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. जबकि पूर्व वित्त मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया भी कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गए. फिलहाल मृतक के शव को परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में रखवाया गया है.

More Stories
आखिर क्या है डेढ़ करोड़ का सच ? कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि आमने-सामने
खुदाई में मिला खजाना, हिस्सा न मिलने पर मजदूर पहुंचे कोतवाली
पेशी करके घर लौट रहे पति-पत्नी की सड़क हादसे में मौत