
दमोह. लोकायुक्त पुलिस ने आज ₹80000 की रिश्वत लेते हुए तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. यह कर्मचारी बीच सड़क पर एक अन्य कर्मचारी की बहाली और पद स्थापना के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे.
शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को आज अपने ही एक साथी कर्मचारी से 80000 रुपए की रिश्वत लेना उसे वक्त भारी पड़ गया जब बीच सड़क पर ही सागर लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर लिया. दर असल यह मामला करीब 4 माह पुराना है. जिसमें जिले के पटेरा थाना क्षेत्र की प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक नवेंद्र अठ्या का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वह एक बच्चे को गांव की सड़क पर दौड़ाते हुए पीट रहा है. मामला संज्ञान में आने और शिकायतें होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक नवेंद्र अठ्या को सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद नवेंद्र अठ्या लगातार अपनी बहाली के लिए प्रयास कर रहा था. इस बीच वह शिक्षा विभाग के ही दो बाबू और एक शिक्षक की संपर्क में आता है जो उसे बहाल करने और वापस उसी स्कूल में पोस्टिंग करने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग करने लगे.
क्या था मामला
दर असल माध्यमिक शाला भूरी में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार साहू, जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 मनोज कुमार श्रीवास्तव तथा सहायक ग्रेड 3 नीरज कुमार सोनी निलंबित शिक्षक नवेंद्र से विभागीय जांच बंद करने और वापस बहाल करके पद स्थापना करने के बदले में ₹100000 की मांग की थी. जिस पर दोनों पक्ष में बातचीत होने पर 80000 रुपए में सहमति बन गई. इस बात की रिकॉर्डिंग नवेंद्र ने कर ली तथा 13 अप्रैल को एक शिकायत सागर लोकायुक्त में दर्ज कराई. इसके बाद आज सागर लोकायुक्त की टीम ने इन तीनों कर्मचारियों को पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने सड़क के किनारे ₹80000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. रिश्वत की राशि एक कर्मचारी की स्कूटी की डिक्की से बरामद की गई है. लोकायुक्त निरीक्षक मंजू सिंह ने बताया कि तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायत के ठोस प्रमाण मिलने के बाद हमने जाल बिछाया तथा एक साथ ही तीनों को रिश्वत की राशि लेकर डिक्की में रखते हुए पकड़ लिया. तीनों कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जा रहा है.

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