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दमोह. दमोह कक्षा 12 वीं एवं 10 वीं के घोषित परिणामों में दमोह के छात्रों ने परचम फहराया है अधिकांश छात्रों की पृष्ठभूमि कृषि और मजदूरी है.
कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो दुष्यंत कुमार की कविता की इन पंक्तियों को दमोह जिले के छात्र-छात्राओं ने बखूबी चरितार्थ कर दिखाया है. कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के घोषित परिणामों में आज दमोह जिले के तेरा छात्र-छात्राओं ने प्रदेश स्तर की प्रवीण सूची में अपना स्थान बनाया है इसमें कक्षा दसवीं के आठ और कक्षा 12वीं की पांच छात्र-छात्राएं शामिल हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सभी छात्र-छात्राओं में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र से तथा कृषि और मजदूरी करने वालों की बच्चे हैं. जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल स्कूल की शैक्षणिक पद्धति एवं अपनी मेहनत के दम पर यह स्थान बनाया है.
दमोह के शासकीय एक्सीलेंस स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा दसवीं के छात्र सौरभ अहिरवार ने 490 अंक प्राप्त करके प्रदेश में दसवां स्थान बनाया है. सौरभ के पिता गौतम अहिरवार और उसकी मां दोनों ही मजदूर हैं. कभी खेत पर काम लग जाए या मकान में ईट, पत्थर रेत ढोने का काम मिल जाए या फिर कोई अन्य काम ही क्यों न हो यही करके उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया लिखाया. और आज उसने साबित कर दिया की प्रतिभा संसाधनों और धन की मोहताज नहीं होती है. दसवां स्थान प्राप्त करने के बाद सौरभ की पूरे परिवार और स्कूल में जश्न का माहौल है. सौरभ का कहना है कि वह पढ़ाई लिखाई करके सरकारी नौकरी करना चाहता है ताकि बुढ़ापे में उसके माता-पिता को मजदूरी न करना पड़े.
ठीक इसी तरह एक्सीलेंस स्कूल दमोह की ही छात्रा प्रगति असाटी ने 485 अंक लेकर प्रदेश स्तर में कक्षा 12वीं में गणित समूह से अपना आठवां स्थान बनाया है. इसके पहले प्रगति ने कक्षा दसवीं में प्रदेश स्तर पर पांचवा स्थान हासिल किया था मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी प्रगति के पिता सुदामा असाटी पोस्ट ऑफिस में कमीशन एजेंट हैं. उसी से परिवार का भरण पोषण होता है. जबकि मां ग्रहणी है. प्रगति का कहना है शॉर्टकट कुछ नहीं होता है. लगातार अध्ययन और उसे रिवाइज करने पर ही अच्छे परिणाम मिलते हैं. स्कूल के शिक्षकों और परिवार के माहौल के कारण व इस मुकाम पर पहुंची है. प्रगति सिविल सेवा में जाना चाहती है.
एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य आरपी पटेल का कहना है कि यहां के शिक्षक और बच्चे बहुत मेहनत करते हैं इसलिए एक्सीलेंस स्कूल के बच्चे हर साल टॉप में आते हैं. इस बार दमोह जिले से 13 बच्चों ने टॉप किया है. इसमें से तीन बच्चे एक्सीडेंट स्कूल के हैं. इनमें कला संकाय से कक्षा 12वीं में निधि कुर्मी ने प्रदेश में छठवां स्थान बनाया है. साथ ही गणित समूह से प्रगति असाटी ने आठवां स्थान बनाया है. सौरव अग्रवाल ने कक्षा दसवीं में प्रदेश स्तर में दसवां स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने सभी छात्रों को शुभकामनाएं और बधाई दी है.
प्रदेश में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में टॉप करने वाले बच्चों की सूची
कक्षा 10 वीं (हाईस्कूल)
प्रावीण्य सूची में दमोह के 8 छात्रों ने जगह बनाई है इनमें
सुचित्रा मिश्रा (पिता राजेश मिश्रा) – 493 अंक, जबेरा स्कूल, प्रदेश में 7वां स्थान
संस्कार पटेल (पिता कैलाश पटेल) – 492 अंक, मॉडल स्कूल
शुभम पटेल (पिता चंद्रभान पटेल) – 492 अंक, हिण्डोरिया, 8वां स्थान
ओजल जैन (पिता अमित कुमार जैन) – 491 अंक, नव जागृति स्कूल
सौरभ अहिरवार (पिता गौतम अहिरवार) – 490 अंक, 10वां स्थान प्राप्त किया है.
कक्षा 12वीं (हायर सेकेंडरी)
प्रदेश की टॉप-10 सूची में भी दमोह के विद्यार्थियों ने परचम लहराया—
प्रगति असाटी (पिता सुदामा असाटी) – 485 अंक, गणित संकाय, 8वां स्थान (उत्कृष्ट विद्यालय)
निधि कुर्मी (पिता सुखनंदन कुर्मी) – 484 अंक, कला संकाय, 6वीं रैंक
छवि अग्रवाल (पिता संजय अग्रवाल) – 489 अंक, वाणिज्य संकाय, 3रा स्थान (नव जागृति स्कूल)
उजमा फातिमा – राजेंद्र पाठक मेमोरियल स्कूल, हिण्डोरिया
राजनंदनी लोधी (पिता लखन लोधी) – 482 अंक, बायोलॉजी, 10वां स्थान (नव जागृति स्कूल) ने परचम फहराया है.

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