
दमोह. धर्मांतरण संबंधी मामले में कोतवाली पुलिस ने लाल परिवार के एक सदस्य और कर्मचारी पर मामला दर्ज किया है. हिंदू कर्मचारियों ने धर्मांतरण कर जाने संबंधी आरोप लगाए थे.
सेंट्रल इंडिया क्रिश्चियन मिशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अजय लाल और उनके परिजनों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. आए दिन कोई न कोई मामला सामने आता रहता है. ताजा मामला धर्मांतरण से जुड़ा हुआ है. दरअसल लाल बंधुओं द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की संस्थाओं में हजारों की संख्या में विभिन्न धर्म और समुदाय के कर्मचारी कार्यरत हैं. इन्हीं में से एक मिशन हॉस्पिटल में भी कई हिंदू कर्मचारी कार्यरत हैं. इनमें से तीन कर्मचारियों ने अजय लाल के बेटे अभिजीत लाल एवं उनके एक प्रमुख कर्मचारी संजीव लैंबर्ट पर धर्मांतरण का दबाव बनाए जाने संबंधी आरोप लगाया था. यह तीनों कर्मचारी बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के साथ कोतवाली पहुंचे थे तथा उन्होंने एक ज्ञापन दिया था. साथ ही कोतवाली टीआई आनंद सिंह के समक्ष पूरे मामले में अपना पक्ष रखा था. इसके बाद देर रात्रि मिशन अस्पताल में ही कार्यरत डॉक्टर एवं कुछ अन्य कर्मचारी भी कोतवाली पहुंचे थे. वहां पर उन्होंने उक्त तीनों कर्मचारियों द्वारा लाल परिवार पर लगाए गए धर्मांतरण का दबाव बनाने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि सैकड़ो कर्मचारी हिंदू हैं और वह स्वयं भी हिंदू हैं. लेकिन उन पर आज तक जबरन धर्मांतरण करने संबंधी किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया है. जबकि वह कई वर्षों से मिशन अस्पताल में काम कर रहे हैं. उक्त तीनों कर्मचारियों द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं. वह निराधार हैं मामले की संगीनता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल ही सारे मामले से पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी को अवगत कराया था. इसके बाद आज कोतवाली टीआई आनंद सिंह पुलिस बल के साथ मिशन अस्पताल पहुंचे. वहां पर उन्होंने कई कर्मचारियों से बात की तथा उनके बयान दर्ज किए. उसके बाद अजय लाल के बेटे अभिजीत लाल तथा संजीव लैंबर्ट पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी ने बताया की आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है. शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी. इस मामले को लेकर बाल संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कल ही ट्वीट कर मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी. इसके बाद आज पुलिस अधीक्षक ने इस ट्वीट को रिपोस्ट करते हुए आरोपियों पर दर्ज किए गए प्रकरण की जानकारी साझा की. जबकि इस मामले में डॉक्टर अजय लाल का कहना है की उनकी आंख का ऑपरेशन था इसलिए वह दमोह से बाहर थे. हमारे यहां बहुत सारे कर्मचारी हिंदू तथा अन्य धर्म के कार्यरत हैं. लेकिन हमने कभी किसी पर धर्मांतरण संबंधी कोई दबाव नहीं डाला है. जिन कर्मचारियों ने धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं उन्होंने ऐसा क्यों किया मैं नहीं जानता. लेकिन यह आरोप निराधार हैं.
दरअसल मिशन अस्पताल में सुरक्षा इंचार्ज अंबर मिश्रा ने अपने दो साथियों के साथ जो ज्ञापन दिया है. उसमें कहा गया है कि पिछले 5-6 महीने से उन पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाया जा रहा है. इसके पहले उन्हें अस्पताल में किसी तरह का धार्मिक, कलावा, गंडा, ताबीज, तिलक आदि लगाकर आने की मनाही थी. जिसे नौकरी के चलते हमने मान लिया, लेकिन अब धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा है जिससे हम परेशान हैं. ज्ञापन में अभिजीत लाल एवं संजीव लैंबर्ट पर धर्मांतरण का दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए थे.

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