
दमोह. एक सड़क निर्माण को लेकर के हटा विधायक और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के बीच ठन गई है. मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान के साथ ही न्यायालय तक जा पहुंचा लेकिन कोई हल नहीं निकला. विधायक अपनी बात पर अड़ी रहीं और उन्होंने अवैध रूप से कॉलोनी के लिए सड़क का निर्माण करा दिया.
जिले की हटा विधानसभा में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जिसमें हटा विधायक श्रीमती उमा देवी खटीक और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के बीच एक सड़क को लेकर जंग छिड़ गई है. दर असल सीएम राईज स्कूल के पीछे भाजपा की तीन नेता मिलकर एक कॉलोनी काट रहे हैं. लेकिन उस कॉलोनी तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है. जिसके बाद उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों से सांठ गांठ की और रातों-रात स्कूल की जमीन में से एक सड़क का निर्माण शुरू कर दिया. जब स्कूल के प्राचार्य सुबह स्कूल पहुंचे तो सड़क बनती देख वह अचंभित रह गए. उन्होंने तुरंत ही मामले की सूचना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बीएस राजपूत को दी. जिसके बाद बीएस राजपूत मौके पर पहुंचे और उन्होंने सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया. इसके बाद नेतागिरी शुरू हो गई. कुछ ही देर में विधायक श्रीमती खटीक भी मौके पर पहुंच गई और उनकी तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई. विधायक इस बात पर अड़ी रहीं कि चाहे कुछ हो जाए लेकिन यह सड़क तो बन कर रहेगी. उन्होंने कहा कि मैं अनपढ़ हूं, मैं गवार हूं, मैं कुछ नहीं जानती लेकिन मैं एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हूं. क्षेत्र की विधायक हूं. इसलिए जनता के हित के लिए मैं अड़ी रहूंगी और यह सड़क बनकर रहेगी. इस बीच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने मामले की सूचना तुरंत ही वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभारी कलेक्टर को दी. लेकिन अधिकारी भी कुछ नहीं कर पाए फोन सुनकर चुपचाप रह गए. बीईओ ने यह भी कहा कि मामला कमिश्नर कोर्ट में है इसलिए मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि मामले में दखल न दें. लेकिन इसके बाद भी विधायक नहीं मानी और अपने सामने खड़े होकर सड़क का निर्माण करा दिया. बताया जाता है कि जिस कॉलोनी के लिए सड़क का निर्माण किया गया है उस कॉलोनी में लोगों को जाने के लिए रास्ता नहीं है जिससे खरीदार प्लॉट नहीं खरीद रहे हैं. इसी बात से परेशान होकर कॉलोनाइजर ने नगर पालिका से सांठ गांठ की और विधायक से संपर्क किया तथा रातो रात सड़क बनवाने का सिलसिला शुरू कर दिया. लेकिन सुबह होते ही स्थिति विवाद ग्रस्त हो गई.
हाइकोर्ट जाएंगे
इस मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बीएस राजपूत का कहना है कि मामला कमिश्नर कोर्ट में है और वहां से फैसला आने तक काम को रोका जाना चाहिए था. इस मामले की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है और अब वह हाई कोर्ट जाएंगे. जमीन शिक्षा विभाग की है कॉलोनाइजर की नहीं है.
सीएमओ कर रहे मनमानी
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र खटीक का कहना है कि स्कूल की जमीन पर सड़क बनाना पूरी तरह से गलत है. लेकिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी किसी की नहीं सुन रहे हैं और मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं.
मैं गलत नहीं हूं
वहीं इस मामले में विधायक उमा देवी खटीक का कहना है कि पुरैना गांव के लोग उनके पास आए थे और वह परेशान हो रहे हैं इसलिए मैं सड़क का निर्माण करा रही हूं. जनता परेशान हो रही इसलिए इसलिए सड़क जरूरी है. कोई गलत काम नहीं किया है. इसलिए अड़ी रहूंगी.

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