
दमोह. जिले की फतेहपुर स्थित मध्यांचल बैंक से देवरात्रि सुंनियोजित तरीके से की गई 41 लख रुपए की लूट का भंडाफोड़ कर दिया है. पुलिस अभी भी मामले की पड़ताल कर रही है.
दमोह जिले के मगरोन थाना अंतर्गत ग्राम फतेहपुर में स्थित मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा से देर रात्रि 41 लख रुपए की लूट होने का मामला सामने आया है. जैसे ही पुलिस को घटना की जानकारी लगी तो पुलिस हरकत में आ गई, क्योंकि यह जिले में हुई अब तक की सबसे बड़ी लूट का मामला था. तीन दिन पहले ही तेंदूखेड़ा क्षेत्र में भी करीब 5 लाख रुपए की लूट का मामला सामने आया था. बताया जाता है कि बैंक मैनेजर और कर्मचारी के साथ मारपीट कर लाखों रुपए की डकैती कर लेने की सूचना पुलिस को दी गई थी. घटना की जैसे ही जानकारी फतेहपुर चौकी पुलिस को लगी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को घटना अवगत कराया. मामला काफी संवेदनशील होने के कारण पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने पूरा मामला अपने हाथों में लिया तथा स्वयं घटना स्थल पर पहुंच गए. वहीं घटना की जानकारी लगने की कुछ देर बाद ही सागर से डी आई जी सुनील कुमार जैन भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. पुलिस ने लूट की वारदात की बारीकी से जानकारी लेकर मामले की जांच शुरू कर दी. बेखौफ अज्ञात 5 लुटेरों ने लूट की घटना को अंजाम दिया है. जब पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया तो घटनास्थल पर दो-तीन 100-100 रूपये के नोटों की गड्डियां भी नालियां में मिली. मौके पर पहुंचे बैंक अधिकारियों के बताएं अनुसार बताया गया कि बैंक के कपिल कुमार रैकवार और दैनिक वेतन भोगी चौकीदार रोहित विश्वकर्मा से मारपीट की वारदात हुई है. पुलिस ने मामले का खुलासा तो कर लिया है लेकिन अभी आरोपियों के नाम और इस घटना में कौन-कौन शामिल था यह नहीं बताया है.

कैसे हुई वारदात
बैंक कर्मचारियों के अनुसार पुलिस ने बताया की बैंक बंद होने के बाद बैंक में दो कर्मचारियों की ड्यूटी थी. जिसमें से एक कर्मचारी नहीं पूरे मामले का षड्यंत्र पहले से रचा हुआ था. उसने अपने दो साथियों को बैंक बुलाया तथा नकाबपोश की शक्ल में खुद पर ब्लड तथा अन्य हथियारों से अपने आप को चोटिल कराया. इसके बाद 42 लाख रुपए करीब की लूट को अंजाम दिया. घटना के बाद उसने मामले की सूचना पुलिस को दी तथा यह बताया कि अज्ञात नकाबपोश आए थे और उन्होंने उसे घायल करके 42 लाख की लूट को अंजाम दिया है. पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि जब हमने मामले की बारीकी से जांच शुरू की तो हमें मामला संदिग्ध समझ में आया. इसके बाद फोरेंसिक, साइबर सेल की टीम और अन्य तकनीकों का उपयोग करते हुए हमने जांच की तो नोटों की कुछ गड्डियां पास में ही एक नाली में पड़ी हुई थी. उन्हें बरामद किया और जब कड़ाई से पूछताछ की तथा आरोपियों को ट्रेस किया तो करीब 42 लख रुपए हमने बरामद कर लिए हैं. अभी मामले की जांच चल रही है इसमें कौन-कौन शामिल है और किस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. फिलहाल यह मामला जांच में है आगे की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जानकारी दी जा सकेगी.

More Stories
तीन माह के दुधमुहे बच्चे के साथ कुएं में तैरता मिला मां का शव
2 साल की बच्ची और गर्भवती पत्नी के साथ फांसी पर झूला युवक
पुलिस कार्रवाई न होने पर फूटा ब्राह्मण एवं हिंदू संगठनों का गुस्सा