
दमोह. एक पिता ने सेंट जॉन्स स्कूल प्राचार्य पर अपनी बेटी और पत्नी का जन्म जबरन धर्मांतरण कराए जाने के आरोप लगाएं हैं. पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है.
दमोह जिले में धर्मांतरण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. आए दिन धर्मांतरण को लेकर के मामले निकलकर सामने आते हैं. ताजा मामला दमोह नगर में संचालित सेंट जॉन्स स्कूल का है. यहां पर पति पत्नी की लड़ाई के बीच का फायदा उठाने की कोशिश ईसाई मिशनरी संस्थान ने की है. मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है. दरअसल नया बाजार नंबर दो में रहने वाले परवेज अख्तर ने आज पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी को एक ज्ञापन सौंप कर सेंट जॉन्स स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परवेज ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी इनाया अख्तर सैंट जॉन्स स्कूल में नर्सरी कक्षा की छात्रा है. कुछ समय पूर्व उसके चाचा अब्दुल हफीज और उसकी मां हाजरा बेगम का निधन हो गया था. इसके बाद उसकी पत्नी रेशमा बानो ने उसे अपनी मां के घर चलकर रहने को कहा. उसने कहा कि वह घर जमाई बनकर रहे, लेकिन परवेज इस बात के लिए तैयार नहीं था. इसी बात को लेकर दोनों में काफी विवाद हो गया और वह अपनी मां के घर चली गई. जब इसी बीच आवेदक परवेज अपनी बेटी इनाया से मिलने सेंट जॉन्स स्कूल पहुंचा तो वहां पर उसकी पत्नी और स्कूल के भृत्य ने उसे हाथ पकड़ कर बाहर निकाल दिया. जब वह दूसरी बार अपनी बहन शाइस्ता के साथ फिर से स्कूल गया तो उसने धमकी दी कि वह अपनी ही बेटी के अपहरण के आरोप में उसकी रिपोर्ट दर्ज कर देगी. वहीं जब मामला स्कूल की प्रिंसिपल सेफी भारत के पास पहुंचा तो उन्होंने कहा कि रेशमा अब तुम्हारी पत्नी नहीं है. उसका और उसकी बेटी का वह धर्मांतरण करा रही हैं. धर्मांतरण के बाद न तो इनाया उसकी बेटी रहेगी और न ही रेशमा उसकी पत्नी रहेगी. इनाया की सारी पढ़ाई लिखाई का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाएगा. उसे हर प्रकार की सुविधा दी जाएंगी. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल की प्रिंसिपल ने उससे इनाया का पिता होने का प्रमाण मांगा है. उसने आरोप लगाया है कि उसे पूरी शंका है कि उसकी पत्नी और बेटी का स्कूल प्रबंधन ईसाई मिशनरी द्वारा धर्मांतरण करा लिया गया है. उसने यह भी बताया कि स्कूल प्रबंधन को उनके व्यक्तिगत विवाद में पढ़ने की बजाय सुलह कराने के प्रयास करना चाहिए न कि उसकी पत्नी और पुत्री को धर्मांतरण का प्रलोभन देकर मुस्लिम से इसाई बनाया जाए. पीड़ित परवेज ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर कर कार्रवाई करने की मांग की है.
पीड़ित परवेज़ की बहन शाइस्ता ने बताया कि बीते 20 तारीख को जब वह अपने भाई के साथ रिजल्ट देखने के लिए स्कूल गई थी तो वहां पर सेंट जॉन्स स्कूल की प्राचार्य ने उसके सामने कहा था कि वह इनाया और रेशमा का धर्मांतरण करा रही हैं. अभी तक जो फीस ली जाती थी वह फीस नहीं ली जाएगी और सभी तरह की सुविधा भी स्कूल की ओर से ही दी जाएगी. शाइस्ता ने आरोप लगाया है कि वह जितने बार भी अपनी भतीजी को देखने जाती थी तो प्रिंसिपल उसे बार-बार धमकी देती थी कि वह उसे किसी कोर्ट केस में फंसा देंगी और कोर्ट में देख लेंगी. जबकि वह केवल अपनी भतीजी से मिलने जाती थी ना कि उसे लेने के लिए और इसमें कोर्ट का कोई काम ही नहीं था.

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