
दमोह। भाजपा नेता की प्रताड़ना से तंग आकर एक राशन सेल्समैन ने आत्महत्या कर ली। उसने आत्महत्या पूर्व लिखे सुसाइड नोट में भाजपा नेता सहित तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं परिजनों ने अस्पताल चौराहे पर प्रदर्शन किया।
भाजपा के पार्षद के पति एवं नगर पालिका में सांसद प्रतिनिधि की प्रताड़ना से तंग आकर एक राशन दुकान के सेल्समैन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि बजरिया वार्ड नंबर 3 निवासी डेलन रोहित का बेटा विक्रम उर्फ विक्की रोहित ने देर रात फांसी लगा ली। उसने मृत्यु लिखे दो पेज के सुसाइड नोट में लिखा है कि नगर पालिका में सांसद प्रतिनिधि यशपाल ठाकुर, नरेंद्र परिहार एवं नर्मदा सूर्यवंशी उसे काफी समय से प्रताड़ित कर रहे थे। जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहा है। आत्महत्या का कारण बताते हुए लिखा है की वह सद्भावना उपभोक्ता भंडार में सेल्समैन है। 28 अप्रैल को उसकी दुकान गौरी शंकर उपभोक्ता भंडार में अटैच कर दी गई। जब उसने नरेंद्र परिहार से दुकान का चार्ज देने के लिए कहा तो पहले तो वह टालता रहा और काफी समय तक परेशान करने के बाद उसने चार्ज देने से मना कर दिया। 25 मई को उसने फोन करके कहा की धर्मपुरा की पार्षद के पति यशपाल ठाकुर से उसकी बात हो गई है। पार्षद पति के साथ मिलकर वह तथा नर्मदा सूर्यवंशी दुकान चलाएंगे। जब मैंने कहा कि मेरे 1 महीने का कोटा जो मेरी दुकान का है वह दे दो, तो कोटा भी देने से इंकार कर दिया। मेरी दुकान का कोटा गेहूं, चावल, शक्कर, नमक, तेल आदि मेरी जानकारी के बगैर धर्मपुरा मैं उतरवा लिया। बाद में मुझसे एक रिसीव ले ली जिसमें बताया कि कोटे का सामान वापस कर रहे हैं। लेकिन सामान वापस नहीं किया। इन सभी लोगों ने मिलकर मुझे महीनों तक प्रताड़ित किया है। जिसके कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं। गौरतलब है कि भाजपा नेता यशपाल ठाकुर नगर पालिका चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। वह कांग्रेस में पार्षद तथा शहर अध्यक्ष भी थे।
परिजनों को परेशान नहीं करेंगे
मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा है कि यह सभी लोग मुझे उपचुनाव के बाद से ही परेशान कर रहे हैं। सुख से मुझे कोई काम नहीं करने देते। जब तक मैं जिंदा रहूंगा यह मुझे काम नहीं करने देंगे। उम्मीद करता हूं कि मेरे मरने के बाद मेरे परिवार वालों को परेशान नहीं करेंगे।
मौत से नहीं डरता
मृतक विक्रम रोहित ने लेख या है कि तीन लोग येलू रैकवार से 28 हजार, एजाज पठानी मोहल्ला से 15 हजार, केके पुलिस से 80 हजार रुपए मुझे लेना है। उनके फोन नंबर नीचे लिखे हैं। मेरे परिवार वालों को परेशान न किया जाए तथा जो रुपए मुझे इन लोगों से लेना है वह मेरे परिजनों को दिला दिए जाएं। जिन लोगों ने मुझे प्रताड़ित किया है उन पर कार्रवाई की जाए। मरने से पूर्व मृतक ने अपनी फेसबुक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट भी डाली जिसमें लिखा मुझे मरने से डर नहीं लगता, अपनेपन से लगता है।

परिजनों ने किया हंगामा
विक्रम की मौत के बाद परिजनों एवं समाज के लोगों ने अस्पताल चौराहे पर पहुंच कर धरना दिया तथा जमकर हंगामा मचाया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। उधर घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता सिद्धार्थ मलैया धरना स्थल पर पहुंच गए तथा परिजनों को समझाइए देकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। वहीं कोतवाली टीआई विजय राजपूत कहना है मामले की जांच की जा रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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