
दमोह। गंगा जमुना स्कूल की बिल्डिंग मियाद खत्म होने के 1 दिन पूर्व भी टूटना शुरू हो गई है। इसके पहले दोपहर में अतिक्रमण दस्ता को बैरंग लौटना पड़ा था।
हिजाब से शुरू हुआ गंगा जमुना स्कूल का विवाद संपत्ति के प्रतिक्रमण तक पहुंच गया है। नगर पालिका प्रशासन ने रविवार की रात गंगा जमुना स्कूल को नोटिस जारी कर 3 दिन के भीतर अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे। जिसमें कहा गया था कि वह स्कूल निर्माण की नगरीय निकाय से ली गई अनुमति एवं अन्य सभी अनापत्तियों के दस्तावेज प्रस्तुत करे। लेकिन आज सुबह गृहमंत्री का बयान आने के तुरंत बाद नगरपालिका का दस्ता जेसीबी लेकर गंगा-जमुना स्कूल पहुंच गया था। स्थानीय लोगों के विरोध के बीच नगर पालिका सीएमओ बीएल बघेल को यह कहना पड़ा था की मशीन बारिश के पूर्व नाला सफाई के लिए आई है। इसके कुछ देर बाद अमले को मय मशीन के बैरंग लौटना पड़ा था। लेकिन शाम होते-होते एक बार फिर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ नगरपालिका का अतिक्रमणरोधी दस्ता गंगा जमुना स्कूल पहुंच गया प्रबंधन समिति द्वारा मुख्य द्वार की चाबी उपलब्ध कराए जाने पर मजदूरों ने ताला तोड़ दिया और गेट खोल कर अंदर प्रवेश कर गए। मीडिया के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। बुलडोजर से शुरू हुई है कार्रवाई छेनी हथौड़ा पर आकर रुक गई।

दरअसल जिस तरह से सरकार ने बिना एनओसी के बनाए गए भवन को बुलडोजर से गिराने की बात कही थी उसके विपरीत स्थानीय प्रशासन के हाथ पर आमजन का विरोध को देखते हुए ढीले पड़ गए। प्रशासन को बुलडोजर की कार्रवाई स्थगित करना पड़ी और मजदूरों से बिल्डिंग गिराने का काम करवाना पड़ा। देर शाम तक मजदूर कोई विशेष तोड़फोड़ नहीं कर सके। तोड़फोड़ के नाम पर महज औपचारिकता ही पूरी हो पाई। ऐसे में सरकार की मंशा और उस बयान की भी छीछालेदर हुई है जिसमें गृहमंत्री ने कहा था की बुलडोजर गंगा जमुना स्कूल पहुंच गया है कुछ ही देर में बिल्डिंग धराशाई हो जाएगी। जबकि 1 दिन पूर्व गृह मंत्री ने अपने बयान में कहा था प्याज के छिलकों की तरह एक के बाद एक परतें उधड़ रही हैं।

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