मार्च 17, 2026

छात्रा को अश्लील मैसेज करने वाला हॉस्टल का वार्डन फरार, लाल बंधुओं का एक और काला कारनामा का उजागर

दमोह। ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित आधारशिला संस्थान बाल ग्रह पर बाल आयोग ने आज छापामार कार्रवाई की। मामला एक नाबालिक बच्ची को अश्लील मैसेज की जाने का है।
दमोह जिले में ईसाई मिशनरी के प्रमुख लाल बंधुओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं ताजा मामला उनके द्वारा संचालित बाल ग्रह केंद्र का है। डॉक्टर अजय लाल की संस्था आधारशिला संस्थान द्वारा संचालित बाल ग्रह पर आज राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने कार्रवाई की। दरअसल यहां से चेन्नई में गोद ली गई एक नाबालिक बच्ची को यहां के कर्मचारी ने अश्लील मैसेज किए थे। चेन्नई के परिवार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर दमोह की जबलपुर नाका चौकी में एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत के बाद कर्मचारी डेनियल को काम से निकाल दिया गया वहीं घटना की जानकारी सामने आने के बाद वह फरार हो गया। बताया जा रहा है कि एक शिकायत बाल गृह द्वारा भी की गई थी। इस बारे में ,इस तरह के और भी मामले सामने न आएं इसको लेकर आज राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम यहां पहुंची। उनके द्वारा निरीक्षण किया गया। बच्चों से बात की गई। यहां से कुछ किताबें भी जप्त की गई है। उनका कहना है कि यहां हर धर्म के बच्चे हैं पर उनका कोई पूजा स्थल नहीं है। यहां पर बाइबल की पढ़ाई कराई जा रही है। वहीं बच्चों को उनके धर्म से विमुख करने की बात भी आयोग के सदस्यों ने की है। वहीं अश्लील मैसेज मामले में बाल आयोग की टीम ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगाया है इस मामले में और कड़ी कार्रवाई करने की मंशा आयोग के सदस्यों ने जाहिर की है।
आयोग ने इस मामले में चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं आयोग का कहना है कि छात्रावास की मान्यता उनके पास नहीं है उसे वह स्कूल मानते हैं लेकिन यह नियम है कोई अधिकारी उसकी जांच करता है तो उसका उल्लेख है अधिकारी को करना चाहिए। जब हमने गंगा जमुना स्कूल की जांच की थी तब भी कई अनियमितताएं पाई थी। कक्षा 1 से 5 तक की पुस्तकें जब चुकी है जिनमें बाइबल है कुछ और पुस्तकें हैं जो बच्चों को पढ़ाई जाती है जबकि संस्थान में अन्य धर्मों के भी बच्चे हैं कुछ बड़े बच्चे तो अपने आप को ईसाई समझने लगे हैं।
वॉर्डन करता था मैसेज
इस संबंध में ओंकार सिह सदस्य राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का कहना है कि इस संस्थान से एक बच्ची एडॉप्शन पर चेन्नई भेजी गई थी बच्ची के दत्तक माता-पिता ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बच्ची को यहां थी एक शिक्षक द्वारा अश्लील मैसेज भेजे जाते हैं असली चैट की जाती थी। उस शिकायत के आधार पर हमने यहां पर जांच की है यहां का वह कर्मचारी दरअसल बॉयज हॉस्टल में वार्डन है और वह गर्ल्स और बॉयस दोनों हॉस्टल में जाता था दिन में तीन चार बार। कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं। आयोग सदस्य का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और संस्था की मिलीभगत के कारण यह संभव हुआ है। जब मामले की शिकायत है की गई थी उसी समय उस पर पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

Message Us on WhatsApp