मार्च 17, 2026

सिद्धार्थ मलैया की भाजपा में घर वापसी, टीएसएम का विलय

दमोह। पूर्व वित्त मंत्री के बेटे की भाजपा में टीम सहित घर वापसी हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश पदाधिकारियों के सामने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया की टीएसएम सहित आज भाजपा में वापसी हो गई है। सिद्धार्थ मलैया कल बुंदेली मेला की प्रेस वार्ता की बात भोपाल रवाना हो गई थे। उनके साथ पूर्व मंडल मनीष तिवारी, देवेंद्र राजपूत, अभिलाष हजारी, संतोष रोहित, अजय सिंह भी साथ गए हैं। आज उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी के मुरलीधर के राव तथा गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समक्ष टीएसएम का भाजपा में विलय करते हुए घर वापसी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी लोगों का अंग वस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके पहले सिद्धार्थ मलैया और उनके सभी साथी गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निवास पर पहुंचे। वहां मंत्रणा के बाद सीधे पार्टी मुख्यालय पहुंच गए।
भाजपा के लिए फांस बने थे सिद्धार्थ
गौरतलब है कि 2018 में जयंत मलैया प्रत्याशी कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह से चुनाव हार गई थी। बाद में जब कमलनाथ सरकार गिर गई तब राहुल सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उन्हें दमोह से उपचुनाव के लिए प्रत्याशी भी बनाया था। लेकिन चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पार्टी ने सिद्धार्थ मलैया सहित सभी पांचों मंडल अध्यक्षों को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी था। लगातार हाशिए सिद्धार्थ मलैया और उनकी टीम ने नगरीय निकाय चुनाव के ठीक पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए टीम सिद्धार्थ मलैया नाम से एक दल का गठन किया था। जिसमें दमोह जिले की सभी नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में प्रत्याशी उतारे थे। जिसके कारण भाजपा को दमोह नगर सहित कई जगह बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। दमोह में 34 प्रत्याशियों में से 5 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायती राज में भी टीम सिद्धार्थ मलैया के कई सदस्य चुनाव जीते थे और भाजपा को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। जिसके कारण दमोह नगर पालिका एवं जिला पंचायत में भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। जिला पंचायत में तो भाजपा के प्रत्याशी पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह की पत्नी जानकी देवी ने फार्म तक नहीं भरा था।
कैसे बनी बात
सिद्धार्थ मलैया की वापसी का मार्ग 2 दिन पहले तभी प्रशस्त हो गया था जब प्रदेश प्रभारी के मुरलीधर राव ने जयंत मलैया से 1 घंटे बंद कमरे में मंत्रणा की थी। उसके बाद मीडिया के समक्ष यह बयान दिया था की युवा ऊर्जावान, क्षमतवान लोगों की वापसी पार्टी में होगी और दमोह विधानसभा 51% मतों से जीतने का लक्ष्य तय किया है। अब मलैया की वापसी के बाद राहुल राहुल सिंह के समक्ष एक बार फिर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। क्योंकि सिद्धार्थ मलैया दमोह विधानसभा से इसी साल होने वाले आम चुनाव में भाजपा से प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ गए हैं। ऐसे में भाजपा के समक्ष एक बड़ा संकट यही है कि वह टिकट किसे दे। हालांकि लोधी समाज की भाजपा से दूरी का फायदा मलैया को मिल सकता है।

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