
दमोह। मुख्यमंत्री विवाह सम्मेलन के लिए पहले एक युवती को विवाह की अनुमति दे दी। लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत पर उसका नाम काट दिया गया। जिसके बाद हल्दी लगी युवती अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची जहां उसने अपनी आपबीती अधिकारियों को सुनाई।
वदमोह में अजब गजब मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। ऐसा ही अजब गजब मामला आज कलेक्ट्रेट में उस समय सामने आया जब हल्दी लगी एक युवती अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। दरअसल नोहटा क्षेत्र के ग्राम जलहरी की रहने वाली दुर्गा रैकवार ने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के लिए अपना आवेदन जनपद में दिया था। जांच के बाद जनपद के अधिकारियों ने उसका नाम विवाह सम्मेलन की सूची में जोड़ दिया। लेकिन गांव की ही माया रैकवार जो कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी है उसने जनपद में एक दूसरा प्रतिवेदन दे दिया, जिसमें लिखा कि इस नाम की कोई कोई युवती ग्राम पंचायत में रहती ही नहीं है। इसके बाद अधिकारियों ने उसका नाम विवाह सम्मेलन की लिस्ट में से काट दिया।

जब यह जानकारी युवती को लगी तब तक उसे हल्दी चढ़ चुकी थी। जबकि विवाह आज बुधवार 1 फरवरी को ही होना है। युवती घर में सजा हरा मंडप छोड़कर अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ हल्दी लगी अवस्था में कलेक्ट्रेट पहुंच गई। वहां पर उसने अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। युवती ने आरोप लगाया कि जिस आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उसका नाम लिस्ट में से कटवाया है वह उसकी सगी चचेरी बहन है। वही गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी हैं। उनके पारिवारिक संबंध ठीक नहीं है इसलिए दुर्भावना वश उसने नाम कटवाया है। परिजनों ने अधिकारियों को गांव के निवासी होने संबंधी सभी दस्तावेज भी दिखाए। प्रभारी एसएलआर राकेश अहिरवार ने परिजनों से ज्ञापन लेते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि इस संबंध में वह अतिरिक्त कलेक्टर नाथूराम गौंड को अवगत कराएंगे साथ ही मामले की जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


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