
दमोह। दमोह में चल रही बागेश्वर धाम की राम कथा सुनने के लिए कोई सैकड़ों किलोमीटर दूर से पैदल चलकर आ रहा है, तो कोई विदेश से आया है। बागेश्वर धाम की एक झलक पाने के लिए लोगों की उमड़ रही है।
कहते हैं कि लोग चमत्कार को नमस्कार करते हैं। जी हां कुछ ऐसा ही चमत्कार इस समय दमोह में हो रहा है। दमोह में बागेश्वर धाम की राम कथा चल रही है। नौ दिवसीय रामकथा और दिव्य दरबार का लाभ लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। नगर के मुख्य मार्ग रोजाना भीड से जाम हो रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके लोगों का आना बदस्तूर जारी है। कुछ ऐसी ही श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत नर्मदा पुरम से आए लोगों में है। 700 किलोमीटर पैदल चलकर आने वाली विनीता कहार बताती हैं कि उनके साथ चार अन्य लोग भी 9 दिन में 700 किलोमीटर पैदल चलकर दमोह पहुंचे हैं। न दिन देखा न रात। वह लगातार चलती रही। नाममात्र का आराम किया और फिर दमोह की राह पकड़ ली। वह बागेश्वर धाम से बहुत प्रेरित हैं और कहती हैं कि गुरु जी के दर्शन और उनकी कथा सुनने के लिए ही हम लोग यहां आए हैं। ऐसा ही कुछ हाल पंजाब से आए दीपक शर्मा और उनकी पत्नी पूजा शर्मा का है। वह कहती हैं कि गुरु जी ने हमें सब कुछ दिया है। अब तो केवल उनकी कृपा बनी रहे। जालंधर के रहने वाले शर्मा परिवार की बागेश्वर धाम में गजब की आस्था है। यह तो थी भारत में रहने वाले लोगों की बात। अब हम बताते हैं आपको विदेश से आए लोगों की बात। कनाडा से आई श्रीमती निर्मल बताती हैं कि वह 1997 से बागेश्वर धाम सरकार से जुड़ी है। तब से अब तक लगातार उनके सत्संग में आती रही हैं। वह कनाडा से अकेली यहां पर बागेश्वर धाम सरकार की कथा सुनने के लिए आई हैं। अभी हालांकि गुरु जी के दर्शन नहीं हुए हैं लेकिन वह कहती हैं कि आखरी दिन तक गुरु जी के दर्शन और उनका आशीर्वाद मिल जाएगा।

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