
दमोह। नगर की बजरिया कसाई मंडी में एक पुलिसकर्मी की पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। क्षेत्र में तनाव का माहौल देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि घटना के आरोपी अभी फरार हैं।
दमोह नगर एवं जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों के बीच अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह पुलिस को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला नगर की बजरिया वार्ड स्थित कसाई मंडी क्षेत्र का है। यहां पर देर रात एक एसएएफ के जवान की पत्थर मारकर हत्या कर दी गई है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि उसे पत्थरों से पीट-पीटकर मारा गया है। जबकि पुलिस अधीक्षक ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। बताया जाता है कि कसाई मंडी में स्थित पुलिस चौकी में पदस्थ जवान सुरेंद्र सिंह चौकी के बाहर शोर-शराबा सुनकर बाहर आए तथा उन्होंने लोगों को हल्ला करने से मना किया। जिसके बाद कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी तथा सिर में पत्थर मार दिए जिससे अत्यधिक मात्रा में रक्त स्राव होने से उसकी वहीं पर मौत हो गई। शरीर में अन्य स्थानों पर भी संघातिक चोटें आई हैं। उधर शोर-शराबा सुनकर सबसे पहले चौकी के पास में ही रहने वाली पार्षद कविता राय एवं चौकी के दूसरे जवान बाहर निकले तो उन्होंने आरक्षक को घायल एवं मरणासन्न अवस्था में देखा। इसकी सूचना तत्काल ही पुलिस को दी तथा जवान को जिला अस्पताल भेजा गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने भी मामले की गंभीरता समझते हुए तुरंत ही पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया एवं स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे। तब तक डॉक्टर घायल सुरेंद्र को मृत घोषित कर चुके थे। घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जो प्राथमिक जानकारी मिली है। उसके मुताबिक आरक्षक सुरेंद्र सिंह कुछ लोगों को हल्ला करने से रोकने के लिए चौकी के बाहर निकला था। लेकिन उन्होंने उसके साथ मारपीट कर दी सिर पर पत्थर मारे जाने का एक गहरा निशान है। रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई है। आरक्षक 10 वीं बटालियन का जवान था। घटना का मूल कारण क्या है इसकी जांच की जा रही है। आरोपी अभी फरार हैं। उन्हें उनकी तलाश की जा रही है।
वही इस मामले में क्षेत्र की पार्षद कविता राय का कहना है कि कानून व्यवस्था बुरी तरह से जिले में बिगड़ चुकी है। आए दिन चाकूबाजी गोली मारने आदि की घटनाएं हो रही हैं। अपराधियों के मन में पुलिस एवं कानून का किसी तरह से कोई खौफ नहीं है। जब एक पुलिस आरक्षक की सरेआम हत्या की जा सकती है तो आम आदमी का क्या होगा इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस मामले में जब घायल अवस्था में पुलिस की सूचना घटना के बाद तनाव का माहौल है।

More Stories
तीन माह के दुधमुहे बच्चे के साथ कुएं में तैरता मिला मां का शव
2 साल की बच्ची और गर्भवती पत्नी के साथ फांसी पर झूला युवक
पुलिस कार्रवाई न होने पर फूटा ब्राह्मण एवं हिंदू संगठनों का गुस्सा