मार्च 17, 2026

धर्मांतरण मामले में लाल बंधुओं सहित 10 पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज

दमोह। बाल संरक्षण अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने लाल बंधुओं सहित 10 लोगों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई है। आयोग की जांच में धर्मांतरण संबंधी कई चौकाने वाले मामले सामने आए हैं।
बाल संरक्षण अधिकार आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो देर शाम दमोह पहुंचे। यहां उन्होंने एमआईसीएस एवं सीआईसीएम ईसाई मिशनरियों की प्रमुख संस्थाओं की जांच की तथा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाए जाने पर 10 लोगों के विरुद्ध धर्मांतरण संबंधी पुलिस प्राथमिकी देहात थाना में दर्ज कराई है। बताया जाता है कि काफी समय से बाल संरक्षण आयोग को जिले के प्रमुख अजय लाल, राजकमल डेविड लाल, विवर्त लाल, जेके हेनरी सहित विभिन्न लोगों द्वारा संचालित बाल छात्रावासों में अनियमितताओं एवं बच्चों का धर्मांतरण कराए जाने की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद बिना जानकारी दिए आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो देर शाम दमोह पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस बल को साथ लेकर ईसाई मिशनरी के संस्थानों की जांच की।
कमरे में कैद मिले बच्चे
मिड इंडिया क्रिश्चियन मिशन द्वारा संचालित बाल छात्रावास पहुंचने पर मिशनरी के कर्मचारियों ने जब उन्हें अंदर जाने से रोका एवं गेट में ताला डाल दिया, तब उन्होंने ताले को तुड़वाया एवं अंदर जाकर अंदर जांच की। जिसमें पाया गया कि उक्त छात्रावास पंजीकृत नहीं है एवं सरकार के विभिन्न नियमों का पालन नहीं करता है। छात्रावास में बच्चे न मिलने पर उन्होंने एक शटर को खुलवाया जिसमें 84 बच्चे अनाधिकृत रूप से पाए गए। एक मुस्लिम बच्चा एवं 45 हिंदू बच्चे शामिल थे। इनमें डिंडोरी से लाया गया 17 साल का एक किशोर भी शामिल है। जिसका ब्रेनवाश कर उसे पादरी बनने की शिक्षा दी जा रही थी। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि संभवत बाल तस्करी का मामला है। इसी अवसर पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी जमकर फटकार लगाई तथा यह भी कहा की इन सभी फर्जीवाड़े में शासकीय कर्मचारी भी संलिप्त हैं। अन्यथा ऐसा कोई कारण नहीं है की इतने लंबे समय से ईसाई मिशनरी का यह अवैध काम चल रहा है और प्रशासन को उसकी जानकारी तक नहीं है। अब तह कोई कार्रवाई नहीं की गई।


फोन छुड़ाकर जांच के लिए दिए
जांच के दौरान जब आयोग अध्यक्ष आधारशिला संस्थान पहुंचे तब वहां पर छात्रावास के वॉर्डन श्री पाटिल ने फूल मालाओं से स्वागत करने के लिए हाथ बढ़ाया तो बाल अध्यक्ष ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह मेरा गोपनीय निरीक्षण था आपको इस बात की जानकारी कैसे लगी कि मैं यहां पर आ रहा हूं? आयोग अध्यक्ष ने श्री पाटिल का मोबाइल फोन ले लिया तथा जांच के लिए पुलिस के सुपुर्द किया। इसी तरह स्थानीय बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रेक्षा पाठक का फोन भी उन्होंने लिया तथा जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि दोनों फोन की सीडीआर निकलवा कर उनकी जांच की जाए कि कब-कब क्या क्या बातचीत हुई है तथा इनके आपस में कितने संपर्क हैं।
दस पर कराई एफआईआर
ईसाई मिशनरी संस्थानों की जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो देहात थाना पहुंचे तथा वहां पर उन्होंने सीआईसीएम के प्रमुख अजय लाल, एमआईसीएस के प्रमुख राजकमल डेविड लाल, विवर्त लाल, श्रीमती शीला लाल, जेके हेनरी, विवेक लाल, मंजुला वर्नवास, सानित लाल, एंजिला लाल, श्री अर्निस्ट के विरुद्ध धर्मांतरण तथा चाइल्ड ट्रैपेकिंग सहित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया है।

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