June 1, 2026

भंडारे के भोजन से फूड प्वाइजनिंग, 25 से अधिक बीमार

दमोह. भंडारा में शामिल होने गए दो दर्जन से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए है. जिन्हें तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम जानकारी मिलते ही गांव में पहुंच गई एवं पीड़ितों का उपचार कर रही है.

     कहते हैं कि गर्मी के मौसम में खान-पान में जरा सी चूक हुई नहीं कि उसके दुष्परिणाम सामने आ जाते हैं. ऐसा ही ताजा मामला तेंदूखेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोहरा का है. यहां पर शुक्रवार की शाम गांव के बहुत सारे लोग गांव के पास ही बने एक मंदिर में कन्या भोज एवं भंडारे में शामिल होने के लिए गए हुए थे. वहां पर उन्होंने भजन, कीर्तन, पूजन किया एवं उसके बाद जब भंडारा हुआ तो कुछ घंटे बाद ही उसके दुष्परिणाम सामने आने लगे. एक-एक करके लोग उल्टी दस्त का शिकार होते गए और यह संख्या बढ़ते बढ़ते दो दर्जन से अधिक हो गई. गांव में जैसे ही लोगों की हालत बिगड़ी तो उन्हें तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया एवं मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी. जानकारी मिलते ही बीएमओ अशोक बरोनिया अपने सहकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए. साथी भोजन एवं वाहन उपलब्ध पानी की जांच की जा रही है कि आखिर फूड प्वाइजनिंग का कारण क्या है भोजन खराब था या पानी दोषपूर्ण है ? स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ फार्मासिस्ट अशोक अवस्थी ने बताया कि मोहरा गांव के लोग एक भंडारा में गए थे. वहां पर भोजन करने के बाद उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत हुई है. पीड़ित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका इलाज किया जा रहा है. बाकी लोगों के उपचार एवं जांच के लिए डॉक्टरों की टीम मोहरा गई है. अस्पताल में भर्ती मरीज़ गुड्डी बाई ने बताया कि भंडारा में गई थी. वहां पर गक्कड़ भर्ता खाने के बाद हालत बिगड़ गई इसलिए वह अस्पताल में भर्ती हुई है. एक अन्य मरीज विक्रम ने बताया कि भोजन के बाद दस्त की शिकायत हुई थी. गांव की अन्य महिलाओं ने बताया कि भंडारे में गाकड़ भर्ता के साथ पूरी सब्जी भी थी. बहुत सारे लोग उसमें गए हुए थे. कुछ लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत हुई है कुछ लोगों को नहीं हुई.

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