July 17, 2026

शादी की 22 साल बाद तलाक की दहलीज पर पहुंचे पति-पत्नी फिर हुए एक-दूजे के

दमोह. शादी के 22 साल बाद तलाक की दहलीज पर पहुंचे पति-पत्नी का मिलन कराने में लोक अदालत ने खासी भूमिका निभाई है. कारण कुछ और नहीं सिर्फ पत्नी का देर से सोकर उठना और मायके जाना तलाक का कारण बना था.

11 मई को जिला अदालत दमोह में आयोजित लोक अदालत में एक रोचक बाक्या देखने मे आया दरसल इमलाई महोरी के नारायण पटेल की शादी करीब 22 वर्ष पूर्व नंदरई की मँझली बहु के साथ हुई थी दोनों पति पत्नी में बाकायदा 03 बच्चे भी थे किंतु मँझली बहु का देर से सोकर उठना और मकर संक्रांति पर मायके जाने की जिद करना इनके बीच विवाद का कारण बन गया मंझली बहु संक्रांति के दिन से ही विवाद करके मायके में रहने लगी जिस पर पति नारायण ने फैमली कोर्ट में मंझली बहु के खिलाफ मुकदमा लगा दिया 14 जनवरी 24 से अलग अलग रह रहे जोड़े को प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अजय प्रकाश मिश्रा एवं प्रधान न्यायाधीश फेमिली कोर्ट अंजनी नंदन जोशी ने लोक अदालत के दिन समझाइश दी चीफ लीगल डिफेंस मनीष नगाइच ने बताया के नारायण के एडवोकेट मयंक पटेल ने अपने पक्षकार नारायण को राजीनामा करने प्रेरित किया व समझाया के शादी के 22 सालों बाद कोर्ट कचहरी करना सही नहीं है न्यायालय में आयोजित लोक अदालत की सुनवाई में सचिव एवं जिला न्यायाधीश धर्मेश भट्ट व विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने जोड़े को मालाएं उपलब्ध करवाकर आपस मे फिर से उन्हें एक होने जतन किया एवं सभी के प्रयासों से व पति पत्नी के 22 सालों के पुराने प्रेम ने कोर्ट मामले को धुधंला कर जोड़े ने नया विवाद रहित जीवन फिर से शुरु किया।

गांव में शिविर आयोजित करने की मंशा
दोनों पति पत्नी को समझाइस देने पर उनके सामने आए पति पत्नी के रोचक प्रसंगों से उत्साहित होकर प्रधान न्यायाधीश अजय प्रकाश मिश्र ने इस जोड़े के गांव में शिविर आयोजित करने की मंशा जताई साथ ही शिविर में जोड़े को आने बाबत भी बात कही ताकि इस तरह के समझौते से समाज के अन्य विवाद करने वाले लोग शिक्षा ले एवं विवाद विहीन जीवन जियें।

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