
दमोह। ग्राम पंचायत जलहरी में ध्वजारोहण के दौरान तिरंगे के अपमान का मामला सामने आया है। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो शिक्षक ने उन्हीं के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करा दी।
कहते हैं कि शिक्षक वह दीपक होता है जो स्वयं जलकर दूसरों को आलोकित करता है। लेकिन इससे उलट ताजा मामला जबेरा ब्लॉक के ग्राम जलहरी में देखने मिला है। यहां पर एक शिक्षक ने न केवल तिरंगे के अपमान की हद पार कर दी बल्कि जब ग्रामीणों ने इस बात का विरोध किया तो उल्टा उन्हीं पर थाने में प्रकरण दर्ज करा दिया। दरअसल यह मामला 15 अगस्त स्वाधीनता दिवस पर ध्वजारोहण का है, लेकिन संज्ञान में तब आया जब ग्रामीणों ने दर्ज कराई गई एफआईआर मामले की जांच करा कर उस पर खात्मा लगाने एवं दोषी शिक्षक पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की। बताया जाता है शासकीय प्राथमिक कन्या शाला जलहरी में 15 अगस्त को शिक्षक निरंजन सिंह ने ध्वजारोहण किया था। जब वह ध्वजारोहण कर रहे थे तब वहां उपस्थित कुछ लोगों ने इस बात पर आपत्ति दर्ज कराई थी कि वह ध्वजारोहण के लिए जो कंक्रीट का स्टैंड है उस पर खड़े न हो। उन्होंने न केवल उसी पर खड़े होकर ध्वजारोहण किया बल्कि आपत्ति दर्ज कराने पर ग्रामीणों को डांट कर शांत कर दिया। इसके बाद जब राष्ट्रगीत हो रहा था उस समय भी वह फाउंडेशन पर खड़े रहे। उसी फाउंडेशन की सबसे ऊपर सीढ़ी पर महात्मा गांधी की फोटो भी रखी हुई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद शिक्षक ने जबेरा थाने जाकर आपत्ति करने वाले 5 ग्रामीणों जितेंद्र, नरेंद्र, जीवन, योगेंद्र और दुरग के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी। जब पुलिस ने ग्रामीणों को तलब किया तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके बाद ग्रामीण एसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने तथा शिक्षक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया जब शिक्षक को उन्होंने ऐसा करना से रोका तो उनका कहना था की जो करना है कर लो मुझे जो करना है मैं वही करूंगा। वहीं क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रजनी ठाकुर ने आरोप लगाया की शिक्षक ने तिरंगे का अपमान तो किया ही है वह स्कूल भी समय पर नहीं आते। जब मर्जी होती है तब आते हैं। शराब पीकर भी वह स्कूल आते हैं। वहीं इस मामले में एसपी सुनील तिवारी का कहना है की मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा उसे पर कार्रवाई की जाएगी।

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