मार्च 17, 2026

गंगा जमुना स्कूल की मान्यता बहाल कराने की मांग को लेकर बच्चे पहुंचे कलेक्ट्रेट

दमोह। गंगा जमुना स्कूल की मान्यता बहाल किए जाने को लेकर आज बड़ी संख्या में अपने अभिभावकों के साथ बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने जिला प्रशासन को अपना ज्ञापन सौंपा।
कानून का शिकंजा कसने के बाद गंगा जमुना स्कूल के संचालक अब डर्टी पॉलिटिक्स पर उतर आए हैं। इसके लिए बाकायदा बच्चों का उपयोग किया जा रहा है। बच्चों की आड़ में स्कूल की मान्यता बहाली की मांग और एक बार फिर से धर्मांतरण का खेल खेलने की तैयारी की जा रही है। जिसका उदाहरण आज कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिला। दरअसल गंगा जमुना स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चे आज अपने अभिभावकों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहां विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को अपना ज्ञापन दिया। जिसमें लेख किया गया की गंगा जमुना स्कूल में अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जाती है। वहां पर 1208 बच्चे हैं। जो गरीब परिस्थिति के हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ना नहीं चाहते हैं। इसलिए गंगा जमुना स्कूल की मान्यता बहाल की जाए। ज्ञापन देने पहुंचे बच्चों से जब मीडिया ने चर्चा की तो उन्होंने सधे हुए जवाब इस अंदाज में दिए जैसे उन्हें पहले उसकी तैयारी कराई गई हो। इसके अलावा जब बच्चे कैमरों के सामने अपना पक्ष रख रहे थे तब पीछे से उनके अभिभावक धीमी आवाज में आगे क्या कहना है यह बता रहे थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों गंगा जमुना स्कूल द्वारा हिंदू बच्चियों को हिजाब में दिखाए जाने का मामला सामने आया था जो बढ़ते बढ़ते धर्मांतरण और टेरर फंडिंग तक पहुंच गया। जिसके बाद राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभागों ने अपना शिकंजा कसा तथा स्कूल के संचालक मोहम्मद इदरीश खान उनके भाई मुस्ताक खान सहित विभिन्न परिजनों और समिति के सदस्यों पर मामले दर्ज किए थे। तभी से इदरीश खान का पूरा परिवार फरार है। हाई कोर्ट भी आरोपियों की जमानत निरस्त कर चुका है। स्कूल संचालक प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन को इस बात की जांच करानी चाहिए कि जितने बच्चे ज्ञापन देने आए थे क्या वास्तव में स्कूल के ही छात्र हैं या उन्हें भी कहीं से जुटाया गया है।
रिपोर्टर भड़का रहे हैं
ज्ञापन देने पहुंचे कक्षा दसवीं के छात्र अयान ने कहा की 61 में से 55 बच्चे पास हुए हैं। हमारा प्रयास था कि इस बार सभी के सभी बच्चे टॉप करेंगे और स्कूल का नाम रोशन करेंगे। जो रिपोर्टर यह कह रहे हैं कि स्कूल में नमाज पढ़ाई जाती थी वह गलत है। कोई नमाज नहीं पढ़ाई जाती है। दूसरी कौम के बच्चे भी यहां पर आए हैं आप उनसे पूछ सकते हैं। अयान ने आरोप लगाया की रिपोर्टर लोग चार्ज लगाकर आप लोगों को भड़का रहे हैं। हमारे स्कूल में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। स्कूल का कोई खुफिया रास्ता नहीं था। जब स्कूल खुला भी नहीं था तब से वह रास्ता है। वहीं से हम लोग जाते थे। स्कूल में कोई नमाज नहीं पढ़ाई जाती है। हम दूसरे स्कूलों में नहीं जाना चाहते हैं। जो सुविधा हमें गंगा जमुना स्कूल में मिलती है वह कहीं और नहीं मिल सकती। हम किसी और स्कूल में जाना नहीं चाहते। हम यहीं धरना देंगे।
गंगा जमुना जैसी सुविधा कहीं नहीं
एक अन्य छात्रा जोया अख्तर का कहना है कि जिन गरीब बच्चों की हैसियत दूसरे स्कूल पढ़ने की नहीं है उन्हें सारी सुविधाएं गंगा जमुना स्कूल में मिलती हैं। हम बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। इतने दिन से स्कूल बंद है हम किसी और स्कूल में जाना नहीं चाहते।

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