
दमोह. पितृपक्ष के आखिरी दिन आज बेलगाम बस में तीन छात्राओं को रौंद दिया. जिससे दो की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई. ग्रामीणों ने चक्का जाम कर आरोपी चालक पर कठोर कार्रवाई एवं मृतक एवं घायल छात्राओं को मुआवजा देने की मांग की.
दमोह से जबलपुर की ओर यात्रियों को लेकर जा रही एक बेलगाम बस ने जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर अभाना की टेक पर स्कूल जा रही तीन छात्राओं को कुचल दिया. घटना में दो छात्राओं की मौका स्थल पर ही मौत हो गई. जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गई. जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया. आसपास के ग्रामीणों ने जब घटना देखी तो वह तुरंत ही मौके पर जमा हो गए और गुस्साए लोगों ने चक्का जाम कर दिया. ग्रामीणों की मांग थी की घायल एवं मृतक छात्राओं के परिजनों को आर्थिक रूप से मुआवजा दिया जाए एवं वाहन चालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. बताया जाता है कि दमोह से प्रतिदिन जबलपुर जाने वाली नाजिस कम्पनी की बस क्रमांक एमपी 20 पीए 0550 यात्रियों को लेकर सुबह करीब 10:00 बजे दमोह से रवाना हुई थी. अभाना की टेक पर पहुंचते ही ढलान के दौरान बस अनियंत्रित हो गई और स्कूल जा रही तीन छात्राओं नित्य सेन, यशोदा पटेल एवं आरुषि लोधी को कुचल दिया. तीनों छात्राएं साइकिल से थी और कक्षा सातवीं- आठवीं की छात्राएं बताई जाती हैं. घटना में यशोदा और आरुषि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नित्या गंभीर रूप से घायल हुई है. जिसे जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. वहीं कलेक्टर प्रताप नारायण यादव तुरंत ही जिला अस्पताल पहुंचे एवं घायल तथा मृतक छात्राओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को भी तुरंत मौके पर पहुंचकर चक्का जाम खुलवाने एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए. घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाईश दी एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया. उसके बाद ही जाम खुल सका. गौरतलब है कि दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे सबसे अधिक संवेदनशील है एवं यहां की खस्ताहाल सड़कों के कारण आए दिन इस तरह के घटनाएं होते रहते हैं और बड़े हादसे होते रहते हैं. लोहता थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि बस को जप्त कर दिया गया है एवं यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य रवाना किया गया है पंचनामा करवाई कर आगे की प्रक्रिया की जा रही है.
*मैनिट ने किया था सर्वे *
गौरतलब है कि दमोह जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पिछले वर्ष तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने मैनिट के विशेषज्ञों की टीम को दमोह आमंत्रित किया था. टीम ने दमोह में करीब 3 से 4 राउंड तक अलग-अलग सर्वे किया तथा बढ़ती दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित करके उस पर काम करने के सुझाव दिए थे. इसके बाद कई जगह पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए संकेतक बोर्ड, सड़कों का सुधार तथा कुछ कार्य भी किए गए लेकिन पूर्ण रूप से काम नहीं हो सके और दुर्घटनाएं नहीं रुक सकीं.

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