September 10, 2026

देश चांद पर पहुंचा लेकिन स्मार्ट इंडिया के गांव में सड़क नहीं पहुंची

 

दमोह. रोड के अभाव में लोगों को जरा सी तकलीफ होने पर ही खाट पर लिटाकर खेतों में से होकर में मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है. ऐसा ही वीडियो पटेरा ब्लॉक के ग्राम पड़री से सामने आया है. जिसने विकास के वादों की पोल खोल दी है.
देश भले ही चांद पर पहुंच गया है लेकिन देश के ग्रामीण अंचलों में अभी तक सड़क है नहीं पहुंची है. शायद भोपाल और जिला मुख्यालय से निकलते निकलते सड़के इतनी लेट हो गई कि अभी तक ग्रामीण उनका इंतजार कर रहे हैं. जी हां यह सुनने में बड़ा अजीब लगता है लेकिन जिले के पटेरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली पड़री ग्राम में यही हालत है. दरअसल जिले की पटेरा ब्लॉक ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली कुम्हारी कस्बा से कुछ किलोमीटर दूर जिले के सीमांत इलाके में वसी ग्राम पंचायत पटना कुम्हारी के ग्राम पड़री में सड़क सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है. हालत यही है कि यहां पर बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो जाता है और लोगों को बीमारी या किसी महिला की डिलीवरी के समय खाट पर लिटाकर ले जाना पड़ता है ताजा मामला एक सड़क बीमारी से जुड़ा है. एक दिन पहले ही पड़री ग्राम के रहने वाले आनंदी सिंह लोधी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना था लेकिन सड़क का भाव होने के कारण उन्हें खटिया पर लिटाकर धान की खेतों में से करी डेढ़ किलोमीटर दूर मुख मार्ग तक ले जाना पड़ा. ग्रामीण गुड्डन अहिरवार ने बताया कि गांव में कई वर्षों से सड़क नहीं है एक पगडंडी है क्यों बरसात में कीचड़ से लटपट हो जाती है और उसे पर पैदल चलना मुश्किल होता है यहां तक की कोई बहन की वहां से नहीं निकल पाता है ऐसी में कोई मरीज को अस्पताल ले जाना हो या किसी महिला की प्रसूति होना हो तो उसे खटिया पर लिटा कर खेतों में से ले जाना पड़ता है यह समस्या कम से कम 4 महीने तो बनी ही रहती है. जब ठंड में कीचड़ सूख जाता है तब जाकर पगडंडी से मुख्य मार्ग तक पहुंच पाते हैं. यह ग्राम पटना कुमारी पंचायत में आता है यहां पर कभी कोई नेता भी नहीं आता है अधिकारी तो आज तक आए ही नहीं है जिससे सड़क नहीं बन पा रही है. जबकि इस संबंध में पटेरा जनपद पंचायत के सीईओ हलदर मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. पंचायत ने प्रस्ताव भेजा है या नहीं यह जानकारी लेकर बता सकता हूं.

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